बुधवार, 12 फ़रवरी 2020

बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें


माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा मार्च मे बोर्ड परीक्षा आयोजित होने जा रही है। उम्मीद है प्रदेश के सभी बच्चे परीक्षा की तैयारी मैं जुट गये होंगे । कुछ बच्चे कम समय में तैयारी के लिए चिंतित होंगे। साथ ही माता-पिता की चिंता भी इस समय बढ़ गयी होगी। एसे में बच्चों पर ध्यान देना आवश्यक हो जाता है।


यदि कक्षा 10 वीं की बात करें तो प्रत्येक विषय में अधिकतम 100 अंक होते है। जिसमें से 25 अंकों की परीक्षा विद्यालय में ही प्रायोगिक तथा प्रायोजना के रूप में लिया जा चूका है । जिसमें अनुत्तीर्ण होेने की संभावना नगण्य होता है। अब केवल 75 अंको के ही लिखित परीक्षा बोर्ड द्वारा लिया जाना है। जिसमें 5 अंक के विकल्पीय प्रश्न, 5 अंक के खाली स्थान भरना, 5 अंक के उचित संबंध जोड़ने जैसे सरल प्रश्न आयेंगे । सही मायने में कहें तो 60 अंकों के प्रश्न ही लिखित प्रश्न के रूप में बचते है। इस तरह 75 अंको के प्रश्न में से उत्तीर्ण होने के लिए 27 अंक लाना ज्यादा मुश्किल नही है ।पर बिना तैयारी के परीक्षा में बैठने से यह भी नामुंकिन हो सकता है।
आईये विचार करें बोर्ड परीक्षा की तैयारी कम समय में बच्चे कैसे कर सकते है। 

दैनिक समय सारणी तैयार कर -
सुबह 3 विषय तथा शाम को 3 विषय के साथ प्रति दिन के लिए विशेष पाठों को  शामिल करते हुए समय सारणी बनाना होगा । इस तरह के समय सारणी के माध्यम से बचे हुए दिनों में भी तैयारी किया जाए तो कमजोर से कमजोर बच्चे की भी पास होने की संभावना अवश्य ही बढ़ेगी।

स्कोरिंग इकाई की तैयारी ज्यादा कर -
प्रत्येक विषय में कुछ एसे इकाई होते है , जो सरल भी होते है तथा इनसे अधिक अंकों के प्रश्न पूछे जाते है । इसे स्कोरिंग ईकाई कहते है। चूंकि यह इकाई सरल होते है ।साथ ही जल्दी याद भी हो जाते है। इसे कम मेहनत कर समझा जा सकता है। अतः इस तरह के इकाई का अच्छे से तैयारी कर उत्तीर्ण हो सकते है।

खुद की कापी पढ़कर -
वर्ष भर पढ़ाई के दौरान सभी विषयों की कापी लिखकर तैयार करना अति आवश्यक होता है। आपने भी अपनी कापी तैयार किए होंगे । तथा समय-समय पर उसी को पढ़कर इकाई परीक्षा, त्रैमासिक परीक्षा, अद्धवार्षिक परीक्षा आदि की तैयारी किये होंगे ।अचानक से गाईड आदि से तैयारी करेंगे तो आपके दिमांक में शंकाएँ ही पैदा होगी और कुछ नही। एसे में वार्षिक परीक्षा के लिए भी उसी कापी को पढ़कर परीक्षा की तैयारी करें । अच्छे परिणाम के लिए बेहतर होगा।

प्रश्न पत्रों को हल कर -
विद्यालय द्वारा समय-समय पर आपसे परीक्षा ली जाती है एसे में अनेकों प्रश्न पत्र आपके पास उपलब्ध है जिन्हे हल करके देखें । साथ ही गत वर्ष के प्रश्न पत्र को भी हल करें। एसे में आपको वार्षिक परीक्षा के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण प्रश्नों का अनुमान लगाना आसान हो जाता है। साथ ही प्रश्न पत्र के स्वरूप से भी आप बखुबी अवगत हो पाते है। और आपकी तैयारी और ज्यादा बेहतर हो जाती है। जिससे अच्छे रिजल्ट आयेंगे।

लिखकर अवश्य देखें -
किसी भी विषय की पढा़ई करते समय प्रश्नों को लिखकर देखना जरूरी है। गणित के प्रश्नों को बार-बार हल करें। जब आप किसी प्रश्नों को लिख-लिख कर देखते है तब आपके स्मृति पटल में वह स्थायी रूप से याद होती जाती है । जिससे परीक्षा के दौरान आपको जल्दी याद आने लगते है। जिससे प्रश्नो को हल करना आसान हो जाता है।

प्रातः काल अध्ययन कर -
कुछ दिनों की बात है आप आलसी पना छोड़ कर जल्दी जगें और पढ़ाई करें । प्रातः काल का समय अध्ययन के लिए उपयुक्त होता है। आप जब प्रातः काल सोकर उठते है तब आपका मन मस्तिष्क तरो-ताजा रहता है। एसे समय में आप पढ़ाई करते है तब जल्दी और अच्छी तरह समझ में भी आती है साथ ही याद भी जल्दी होती है। सबसे मजेदाब बात यह है कि इस समय हम कठिन से कठिन प्रश्नों का याद कर सकते है।

अधिक रात तक ना पढ़ें  -
 अध्ययन के दौरान अधिक रात तक ना जगे । अधिक रात तक जग कर पढ़ने से असल में हमारा दिमाग सुप्तावस्था में चली जाती है केवल आंख खुला रहताहै। जिससे छपकि आने लगती है। एसे में आपको पढ़ाई में उतना फायदा नही मिल पाता जितना मिलना चाहिए ।साथ दिन भर की पढा़ई के करण आपका दिमाग बोझिल हो जाता है । जिससे आपको पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। अतः देर रात तक जगकर पढ़ने के बजाए जल्दी पढ़ाई समाप्त कर सो जाएँ । जिससे आप सुबह जल्दी उठ पायेंगे। 

रटने के बजाए समझे - 
किसी भी विषय की बात हो जब भी आप प्रश्नो के उत्तर को याद करने की कोशिस करते है तब उसे रटने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए । बल्कि प्रश्नो के हल को समझने का प्रयास करें जिससे आपको उस प्रश्न का उत्तर स्थायी रूप से याद रहे । रटने वाली उत्तर आप कुछ समय पश्चात भूल सकते है। परंतु समंझे हुए उत्तर आपको हमेशा के लिए याद रहती है। जिससे आपके परीक्षा परिणाम बेहतर आयेंगे।

तनाव बिल्कुल भी न लें -
वर्ष भर पढ़ाई के दौरान आपने लापरवाही की होगी तो एसे में परीक्षा के नजदिक आते ही आपको तनाव से गुजरना पड़ सकता है पर बिल्कुल भी तनाव या चिंता न करें । चिंता किसी भी समस्या का हल नही है । आप धैर्य पूर्वक अपनी पढ़ाई इन बचे हुए समय में इमानदारी से करें। यकिन मानिए आप अवश्य ही उत्तीर्ण हो जाएंगे।

अंत में सम्माननीय माता-पिता एवं पालक तथा शिक्षक से मेरा अनुरोध है कि आप भी अपने स्तर पर अपने अनुसार बच्चों का पढ़ाई में भरपूर मदद करें। आपका चंद दिन का प्रयास किसी की जिंदगी को लंबे समय के लिए ससक्त बना सकता है।आपने किमती समय निकालकर इस लेख को पढ़े इसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ।









लेखन
सी.पी.ढीढी (व्याख्याता) विज्ञान

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